कांदा बाजारभाव 31 ऑक्टोबर 2025 – महाराष्ट्रातील प्रमुख बाजार समित्यांमधील कांद्याचे दर जाणून घ्या
महाराष्ट्रातील शेतकऱ्यांसाठी कांदा हा सर्वात महत्त्वाचा नगदी पिकांपैकी एक आहे. दररोज बाजारात येणाऱ्या कांद्याच्या दरांमध्ये मोठे चढ-उतार होत असतात. आज म्हणजेच 31 ऑक्टोबर 2025 रोजी राज्यातील विविध बाजार समित्यांमध्ये कांद्याचे दर (Onion Price Today in Maharashtra) जाहीर झाले आहेत. काही ठिकाणी दरात सुधारणा झाली असून काही भागात दर कमी आहेत.
प्रमुख बाजार समित्यांमधील कांदा दर (31 ऑक्टोबर 2025)
| बाजार समिती | जात/प्रत | परिमाण | आवक (क्विंटल) | किमान दर (₹) | कमाल दर (₹) | सरासरी दर (₹) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| लासलगाव | उन्हाळी | 7682 | 500 | 2152 | 1550 | |
| पिंपळगाव बसवंत | उन्हाळी | 10586 | 700 | 2627 | 1750 | |
| नाशिक | उन्हाळी | 1795 | 300 | 1575 | 1250 | |
| सिन्नर | उन्हाळी | 1250 | 500 | 1711 | 1500 | |
| चांदवड | उन्हाळी | 5200 | 711 | 1930 | 1430 | |
| नामपूर | उन्हाळी | 5285 | 400 | 2050 | 1400 | |
| देवळा | उन्हाळी | 4800 | 250 | 1850 | 1375 | |
| सोलापूर | लाल | 15331 | 100 | 2000 | 950 | |
| नागपूर | लाल | 1240 | 1400 | 1800 | 1700 | |
| मुंबई कांदा बटाटा मार्केट | लोकल | 9811 | 1000 | 1800 | 1400 | |
| कोल्हापूर | — | 5550 | 500 | 2000 | 1000 |
कांदा बाजारातील सध्याची स्थिती
सध्या राज्यातील अनेक बाजारात उन्हाळी कांद्याची आवक मोठ्या प्रमाणात सुरू आहे. नाशिक, लासलगाव, सिन्नर आणि पिंपळगाव परिसरात आवक वाढल्याने दर काहीसे स्थिर आहेत.
तथापि, नागपूर आणि विदर्भ विभागात लाल कांद्याच्या दरात सुधारणा दिसून आली आहे — सरासरी दर ₹1600 ते ₹1800 पर्यंत पोहोचले आहेत.
शेतकऱ्यांसाठी सल्ला
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सध्या कांदा विक्री करताना बाजारनिहाय दर तपासणे अत्यावश्यक आहे.
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आवक जास्त असलेल्या भागात किंमती स्थिर राहतील, त्यामुळे साठवणूक करून पुढील आठवड्यात विक्री करणे फायदेशीर ठरू शकते.
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हवामान आणि वाहतूक स्थितीवरही कांद्याच्या दरांचा परिणाम होतो.
बाजारातील ठळक मुद्दे
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सर्वोच्च दर: ₹2627 प्रति क्विंटल (पिंपळगाव बसवंत)
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किमान दर: ₹100 प्रति क्विंटल (सोलापूर)
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सर्वाधिक आवक: 53,591 क्विंटल (अहिल्यानगर)
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सरासरी दर: ₹1350 ते ₹1750 दरम्यान
३० ऑक्टोबर २०२५ रोजी महाराष्ट्रातील कांद्याचे दर स्थिर असले तरी काही ठिकाणी किंमतींमध्ये सुधारणा दिसते आहे.
आवक आणि मागणी यामध्ये संतुलन राहिल्यास पुढील काही दिवस कांद्याच्या दरात वाढीची शक्यता आहे.
शेतकऱ्यांनी स्थानिक बाजार समित्यांतील रोजचे दर पाहूनच विक्री करणे योग्य ठरेल.